अंत में वो आपकी ज़िन्दगी के "साल" नहीं है जो गिने जाते है बल्कि वो आपके सालों में ज़िन्दगी है जो गिनी जाती है।

आमतौर पर लोग उतना ही खुश होते हैं, जितना वे अपने दिमाग को इसकी इजाजत देते हैं।

जिनके मिज़ाज़ दुनिया से अलग होते है, महफ़िलो में चर्चे उनके गज़ब होते है !

अगर आप एक साल की योजना बना रहे है, तो एक बीज बोईये, योजना अगर दस साल की है तो पेड़ लगाईये और अगर योजना सौ साल की है तो शिक्षक बन जाइए।

मौत का पता नहीं इस लिए बात कर लिया करो, क्या पता फिर याद करो और हम न रहे !

लौट आएँगी फिर खुशियां बस कुछ तकलीफो का शोर है, जरा संभल के रहो मेरे दोस्त, ये इम्तिहान का दौर है। Good Morning

खुद का दिखावा करना किसी मूर्ख के सामने अपना बड़प्पन दिखाने जैसा है।

वक्त इतना बलवान होता है कि एक राजा को भी घास की रोटी खिला सकता है।

लोगो को DIL में नहीं उनकी Aukaat में रखो।

जीवन में धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना मां-बाप सिखा देते हैं लेकिन संभलना खुदी को सीखना पड़ता है !

अपने माता-पिता पर भरोसा करो क्योंकि शायद वो कुछ ऐसा जानते हैं जो आप नहीं जानते।

अगर आप 20 साल की उम्र में गरीब हो तो इसमें आपकी कोई गलती नहीं है लेकिन 30 साल की उम्र में भी आप गरीब हो तो इसमें पूरी गलती आपकी ही है।

सुन Pagli! जैसा तू सोचती है वैसा मैं हूँ नहीं, जैसा मैं हूँ वैसा तू सोच भी नहीं सकती...

जब यह स्पष्ट हो कि लक्ष्य तक पहुंचा नहीं जा सकता, तब लक्ष्य न बदले। तब लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपनाए गए तरीकों में बदलाव लाए।

सभी प्रमुख धार्मिक परंपराओं को मूल रूप से एक ही संदेश है कि प्यार, दया और क्षमा महत्वपूर्ण बात यह है कि वे हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए ।

जिम्मेदारियों की एक खूबी होती है ये आपको कभी बिगड़ने नहीं देती।

किस्मत मौका देती है लेकिन मेहनत सबको चौका देती है ।

मैंने सिर्फ अपने माता-पिता की खुशी के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया था, मेरा पहला प्यार तो भरतनाट्यम ही था।

आप सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं तो ठीक है। अगर सोशल मीडिया आपका इस्तेमाल कर रहा हैं तो गलत है।

चलो कुछ अलग सोचते हैं और एक ऐसा कल्चर विकसित करते है जहां अच्छी सोच को प्रोत्साहन मिले और फेल होना ठीक समझा जाए।

किसी को इतना IGNORE मत करो की वह तुम्हारे बिना जीना सिख जाए।

ऐ शख्स तेरा साथ मुझे हर शक्ल में मंज़ूर है, यादें हो कि खुश्बू हो, या कि हो कि गुमान हो!

जो अपने डर को जीत लेता है वो सही अर्थों में मुक्त होता है।

टुंटने पर वही लोग मिलते हैं जो बिछड़ गए हो वो नहीं मिलते जो बदल गए हो।