दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की, उल्फ़त मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी।

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की, उल्फ़त मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी।

Bhagat Singh

मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है ।

मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है ।

यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।

यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा।

व्यक्ति की हत्या करना सरल है, परन्तु विचारों की हत्या आप नहीं कर सकते।

व्यक्ति की हत्या करना सरल है, परन्तु विचारों की हत्या आप नहीं कर सकते।

देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।

देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं।

वे मेरा क़त्ल कर सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।

वे मेरा क़त्ल कर सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।

ज़िंदगी तो अपने कंधों पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते है।

ज़िंदगी तो अपने कंधों पर जी जाती है, दूसरों के कंधों पर तो सिर्फ जनाजे उठाये जाते है।

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा।

सीने पर जो जख्म है, वे सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।

सीने पर जो जख्म है, वे सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं।

प्रेमी, पागल, और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

प्रेमी, पागल, और कवि एक ही चीज से बने होते हैं।

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया है।

बहुत मुश्किल है उस शख्स को गिराना, जिसको चलना ठोकरों ने सिखाया है।