Armaan Status for WhatsApp - Armaan Shayari with Images
अरमान वो ख्वाहिशें होती हैं जो दिल में चुपचाप पलती रहती हैं,
कभी किसी के आने की उम्मीद में, तो कभी किसी के लौट जाने की आस में।
हर इंसान के सीने में कुछ अधूरे सपने, कुछ अनकहे जज़्बात छुपे होते हैं —
और जब उन्हें लफ़्ज़ों में बयां किया जाता है, तो वो बन जाती हैं Armaan Shayari —
जो सीधा दिल से निकलती है और हर उस शख़्स तक पहुँचती है जिसने कभी सच्चा चाहा हो।
कभी किसी को पा लेने की चाह, कभी टूटकर मोहब्बत करने की तमन्ना —
हर अरमान एक कहानी कहता है, एक अधूरी सी दास्तां जिसमें पूरा जहां बस गया होता है।
पर जब वो ख्वाब अधूरे रह जाते हैं, तो उनकी टीस हर शायरी में साफ महसूस होती है।
"Armaan Status" उन्हीं फीलिंग्स का आइना है, जो हमारी आंखों में तो नहीं, पर दिल में हमेशा ज़िंदा रहती हैं।
इस ब्लॉग में हम लाए हैं सबसे इमोशनल, सच्चे जज़्बातों से भरे हुए Armaan Shayari in Hindi with Images,
जो आप अपने WhatsApp Status पर लगाकर अपने दिल की गहराई को बयां कर सकते हैं।
क्योंकि कुछ ख्वाहिशें ऐसी होती हैं, जो कभी पूरी नहीं होतीं — लेकिन उन्हें बयां करना भी ज़रूरी होता है।

हज़ारों ख़्वाहिशें ऐसी कि हर ख़्वाहिश पे दम निकले, बहुत निकले मिरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले.

ना सवाल बनके मिला करो, ना जवाब बनके मिला करो, मेरी जिंदगी मेरा ख्वाब है, मुझे ख्वाब बनके मिला करो!

यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है!

बाद मरने के भी अरमान यही है ऐ दोस्त रूह मेरी तिरे आग़ोश-ए-मोहब्बत में रहे!

उनको खबर है मेरे टूटे अरमानों की, आज जरूरत पड़ेगी काँच के पैमानों की। खाली न होने देना जाम यारों, वर्ना फिर से याद आ जाएगी गुजरे जमाने की।

अभी अरमान कुछ बाक़ी हैं दिल में मुझे फिर आज़माया जा रहा है!

आरज़ू, अरमान, इश्क़, तमन्ना, वफ़ा, मोहब्बत, चीज़ें तो अच्छी है पर दाम बहुत है!

जिन्दगी के लिए जान जरूरी है, जीने के लिए अरमान जरूरी है, हमारे पास चाहे हो कितने भी गम तेरे चेहरे पर मुस्कान जरूरी है.

एक रोज तुमसे जरूर मिलेंगे, दिल के सारे अरमान कहेंगे!

वह वाकिफ मेरे हाल से कि मैं बेचैन इस रात से वह शातिर अपने अंदाज से मैं अनजान उसकी चाल से!

मेरी जिद, मेरा अरमान है तू, मैं अधूरा हूँ तेरे बिन, मेरी पहचान है तू!

ज़रा सी ज़िंदगी है, अरमान बहुत हैं, हमदर्द नहीं कोई, इंसान बहुत हैं, दिल के दर्द सुनाएं तो किसको, जो दिल के करीब है, वो अनजान बहुत हैं!

चलो आज खामोश प्यार को इक नाम दे दें, अपनी मुहब्बत को इक प्यारा अंज़ाम दे दें

यूँ ही भटकते रहते हैं अरमान तुझसे मिलने के, न ये दिल ठहरता है न तेरा इंतज़ार रुकता है!

कभी किसी को इतना इग्नोर मत करो, कि वो आपके बिना ही रहना सीख जाये, क्योकि जब आप किसी को इग्नोर करते है तो आंखे ही नहीं दिल भी रोता है!

दो हिस्सों में बंट गए है, मेरे दिल के तमाम अरमान, कुछ तुझे पाने निकले, तो कुछ मुझे समझाने निकले..

मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया दिल तोड़ दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझ पर लगा दिया!

कौन था अपना जिस पे इनायत करते हमारी तो हसरत थी, हम भी मोहब्बत करते उसने समझा ही नहीं मुझे किसी काबिल वरना उसे प्यार नहीं उसकी इबादत करते!

दिल मे कुछ अरमान थे मगर बेदर्द इंसान थे अपना गुजारा कैसे होता कांच का दिल था पत्थर के मकान थे!

चिराग जलाने का सलीका सीखो साहब हवाओं पे इल्ज़ाम लगाने से क्या होगा.

ऐसा नहीं है की मैं अब उन्हें और नहीं चाहता, अब उनका हमे यूँ अनदेखा करना हम से और देखा नहीं जाता।

इससे पहले कहीं रूठ न जाएँ मौसम अपने, धड़कते हुए अरमानों एक सुरमई शाम दे दें!