भरोसा रखना मेरी वफाओं पर दिल में बसा कर हम किसी को भूलते नहीं

भरोसा रखना मेरी वफाओं पर दिल में बसा कर हम किसी को भूलते नहीं

Akelapan Shayari

जनाब इतने मतलबी भी मत बन जाओ कि तुम्हें अब दूसरों का अकेलापन भी नजर ना आ पाए और इतना अच्छा भी मत बन जाओ कि तुम्हें दूसरों की बुराई भी नजर ना आ पाए

जनाब इतने मतलबी भी मत बन जाओ कि तुम्हें अब दूसरों का अकेलापन भी नजर ना आ पाए और इतना अच्छा भी मत बन जाओ कि तुम्हें दूसरों की बुराई भी नजर ना आ पाए

कैसे बताऊं क्यूँ तेरी ये यादें यु चली आती हैं कैसे बताऊं क्यूँ मुझे ये आके इतना रूला जाती हैं

कैसे बताऊं क्यूँ तेरी ये यादें यु चली आती हैं कैसे बताऊं क्यूँ मुझे ये आके इतना रूला जाती हैं

अब नींद से कहो हम से सुलह कर ले फ़राज़ वो दौर चला गया जिसके लिए हम जागा करते थे !

अब नींद से कहो हम से सुलह कर ले फ़राज़ वो दौर चला गया जिसके लिए हम जागा करते थे !

इतने घने बादल के पीछे कितना तन्हा होगा चाँद !!

इतने घने बादल के पीछे कितना तन्हा होगा चाँद !!

 वो अकेला चाँद है आसमा मे जो तेरी तरह हजारो मे मगर वो चाँद अकेला है मेरी तरह उन सितारो मे

वो अकेला चाँद है आसमा मे जो तेरी तरह हजारो मे मगर वो चाँद अकेला है मेरी तरह उन सितारो मे

किसी ने पूछा अगर कोई अपना छोड़कर चला जाए तो क्या करोगे अपना कभी छोड़कर नहीं जाता और जो जाए वह अपना नहीं होता !

किसी ने पूछा अगर कोई अपना छोड़कर चला जाए तो क्या करोगे अपना कभी छोड़कर नहीं जाता और जो जाए वह अपना नहीं होता !

 कौन कहता है जनाब ये अकेलापन खलता है जब जिंदगी की समझ हो जाए तो खुद का साथ भी भाता है

कौन कहता है जनाब ये अकेलापन खलता है जब जिंदगी की समझ हो जाए तो खुद का साथ भी भाता है

जो इंसान हमेशा सच का साथ देता है वह हमेशा अकेला ही होता है !!

जो इंसान हमेशा सच का साथ देता है वह हमेशा अकेला ही होता है !!

कैसे मान लिया तुम अकेले हो दूर हूँ तुमसे यह मजबूरी है मेरी पुकारो अगर शिद्दत से मुझको चला आऊँगा मैं राह में तेरी

कैसे मान लिया तुम अकेले हो दूर हूँ तुमसे यह मजबूरी है मेरी पुकारो अगर शिद्दत से मुझको चला आऊँगा मैं राह में तेरी

रिश्तों के बाजार में आजकल वो लोग हमेशा अकेले पाए जाते हैं जो दिल और जुबान के सच्चे होते हैं !

रिश्तों के बाजार में आजकल वो लोग हमेशा अकेले पाए जाते हैं जो दिल और जुबान के सच्चे होते हैं !

किसी के दर्द में वो भी अपने ग़मों की झलक पाता है बूढ़ा लाचार इंसान अक्सर अकेला ही रह जाता है

किसी के दर्द में वो भी अपने ग़मों की झलक पाता है बूढ़ा लाचार इंसान अक्सर अकेला ही रह जाता है

जनाब जिसको हम जितनी ज्यादा अहमियत देते है ना एक समय ऐसा भी आता है जब वही इंसान आपको अकेला छोड़ कर चला जाता है

जनाब जिसको हम जितनी ज्यादा अहमियत देते है ना एक समय ऐसा भी आता है जब वही इंसान आपको अकेला छोड़ कर चला जाता है

हालात सिखाते है बाते सूनना और सहना वरना हर शक्स फितरत से बादशाह ही होता है !

हालात सिखाते है बाते सूनना और सहना वरना हर शक्स फितरत से बादशाह ही होता है !

भीड़ में ये अकेलापन मुझसे मिलने जब आया क्या है ये अकेलापन मुझे समझ में तब आया

भीड़ में ये अकेलापन मुझसे मिलने जब आया क्या है ये अकेलापन मुझे समझ में तब आया

अपने साए से चौंक जाते हैं उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा !

अपने साए से चौंक जाते हैं उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा !

ये अकेलापन सभी को काटता है पर न कोई इसको बाँटता है अगर जो कोई चाहे इसको बाँटना बुरा भला कह कर सब कोई डाँटता है

ये अकेलापन सभी को काटता है पर न कोई इसको बाँटता है अगर जो कोई चाहे इसको बाँटना बुरा भला कह कर सब कोई डाँटता है

कभी-कभी बहुत सी बातें करनी होती है मगर कोई सुनने वाला नहीं होता !

कभी-कभी बहुत सी बातें करनी होती है मगर कोई सुनने वाला नहीं होता !

अब मुझे रास आ गया है अकेलापन अब आप अपने वक्त का अचार डालिए !

अब मुझे रास आ गया है अकेलापन अब आप अपने वक्त का अचार डालिए !