हम अपने दिल की बात दिल में ही दबाए फिरते हैं हम एक तरफा प्यार कर तुड़पते फिर रहे हैं।

हम अपने दिल की बात दिल में ही दबाए फिरते हैं हम एक तरफा प्यार कर तुड़पते फिर रहे हैं।

Chup Shayari

सच कहूँ तो सवाल करते हैं लोग चुप रहूँ तो इस्तेमाल करते हैं लोग।

सच कहूँ तो सवाल करते हैं लोग चुप रहूँ तो इस्तेमाल करते हैं लोग।

चुपचाप चले थे जिन्दगी के सफ़र में तुम पर नजर पड़ी और गुमराह हो गये।

चुपचाप चले थे जिन्दगी के सफ़र में तुम पर नजर पड़ी और गुमराह हो गये।

अक्सर पूछते हैं लोग के चुप चाप से क्यों रहते हो अपने दिल की बातें किसीसे क्यों ना कहते हो।

अक्सर पूछते हैं लोग के चुप चाप से क्यों रहते हो अपने दिल की बातें किसीसे क्यों ना कहते हो।

बिना बात के किसीसे ज्यादा ना बोला कीजिए दिल भी आजकल सोच समझ कर खोला कीजिए।

बिना बात के किसीसे ज्यादा ना बोला कीजिए दिल भी आजकल सोच समझ कर खोला कीजिए।

मेरा चुप रहना मेरे दुश्मनों को खलता है उन्हें मालूम है शेर खामोशी से ही वार करता है।

मेरा चुप रहना मेरे दुश्मनों को खलता है उन्हें मालूम है शेर खामोशी से ही वार करता है।

जो हमारी पीठ पीछे हमारी बुराई करते हैं सामबे आकर चुप हो जाते हैं उनकी ज़ुबान नहीं खुलती।

जो हमारी पीठ पीछे हमारी बुराई करते हैं सामबे आकर चुप हो जाते हैं उनकी ज़ुबान नहीं खुलती।

मुझे भी आता है अंदाज़ दिल तोड़ने के हर दिल में ख़ुदा बसता है यही सोचकर चुप हूँ।

मुझे भी आता है अंदाज़ दिल तोड़ने के हर दिल में ख़ुदा बसता है यही सोचकर चुप हूँ।

यह चुप रहना मेरी तब ताकत बन जाता है जब कोई गलत बोलने के बाद पछताता है।

यह चुप रहना मेरी तब ताकत बन जाता है जब कोई गलत बोलने के बाद पछताता है।

तेरे बारे में बुरा सुनकर चुप रहा नहीं जाता जो बोले तेरे बारे में उससे ही हूँ मैं लड़ जाता।

तेरे बारे में बुरा सुनकर चुप रहा नहीं जाता जो बोले तेरे बारे में उससे ही हूँ मैं लड़ जाता।

चुप रहना मजबूरी सी बन जाता है जब आपके बोलने से आपका प्यार फस सकता हो।

चुप रहना मजबूरी सी बन जाता है जब आपके बोलने से आपका प्यार फस सकता हो।

जरूरी नहीं प्यार में सब कुछ कहना प्यार जताने का नया तरीका हैं चुप रहना।

जरूरी नहीं प्यार में सब कुछ कहना प्यार जताने का नया तरीका हैं चुप रहना।

मेरा प्यार जल रहा है अरे चाँद आज छुप जा, कभी प्यार था हमें भी तेरी चाँदनी से पहले।

मेरा प्यार जल रहा है अरे चाँद आज छुप जा, कभी प्यार था हमें भी तेरी चाँदनी से पहले।

 कभी चुप चाप तारीकी की चादर ओढ़ लेती है, कभी वो झील शब भर चाँदनी से बात करती है।

कभी चुप चाप तारीकी की चादर ओढ़ लेती है, कभी वो झील शब भर चाँदनी से बात करती है।

चाँद को चाहने वाले है बहुत, चाँद की मग़र चाहत हैं चाँदनी।

चाँद को चाहने वाले है बहुत, चाँद की मग़र चाहत हैं चाँदनी।

 बरस पड़ी थी जो रुख़ से नक़ाब उठाने में, वो चाँदनी है अभी तक मेरे ग़रीब-ख़ाने में ।

बरस पड़ी थी जो रुख़ से नक़ाब उठाने में, वो चाँदनी है अभी तक मेरे ग़रीब-ख़ाने में ।

चाँद तो अपनी चाँदनी को ही निहारता है, उसे कहाँ खबर कोई चकोर प्यासा रह जाता है।

चाँद तो अपनी चाँदनी को ही निहारता है, उसे कहाँ खबर कोई चकोर प्यासा रह जाता है।

 मेरा प्यार जल रहा है अरे चाँद आज छुप जा, कभी प्यार था हमें भी तेरी चाँदनी से पहले।

मेरा प्यार जल रहा है अरे चाँद आज छुप जा, कभी प्यार था हमें भी तेरी चाँदनी से पहले।

 एक चाँद की चाँदनी आँखों को ऐसी भा गई, बेवजह ही सुबह से दुश्मनी हो गई।

एक चाँद की चाँदनी आँखों को ऐसी भा गई, बेवजह ही सुबह से दुश्मनी हो गई।