👬दोस्ती की 😍महफ़िल सजे 🌏ज़माना हो गया, लगता है खुल के जिए 🌏ज़माना हो गया, काश कहीं मिल जाये वह काफिला 👬दोस्तों का, अपनों से बिछड़े 🌏ज़माना हो गया.. - dosti shayari

👬दोस्ती की 😍महफ़िल सजे 🌏ज़माना हो गया, लगता है खुल के जिए 🌏ज़माना हो गया, काश कहीं मिल जाये वह काफिला 👬दोस्तों का, अपनों से बिछड़े 🌏ज़माना हो गया..

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