🌧️बरसों बाद न जाने क्या समां होगा, हमसब 👬दोस्तों में न जानें कौन कहाँ होगा, अगर मिलना हुआ तो मिलेंगें 😴ख्वाबों में, जैसे सूखे हुये 🌹गुलाब मिलते हैं 📖किताबों में।  - dosti shayari

🌧️बरसों बाद न जाने क्या समां होगा, हमसब 👬दोस्तों में न जानें कौन कहाँ होगा, अगर मिलना हुआ तो मिलेंगें 😴ख्वाबों में, जैसे सूखे हुये 🌹गुलाब मिलते हैं 📖किताबों में।

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