जब भी चाहा सिर्फ तुम्हें चाहा, पर कभी तुमसे कुछ नहीं चाहा। - Pyar Bhari Shayari

जब भी चाहा सिर्फ तुम्हें चाहा, पर कभी तुमसे कुछ नहीं चाहा।

Pyar Bhari Shayari