गुनाह करके सजा से डरते है, ज़हर पी के दवा से डरते है, दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमे, हम दोस्तों के खफा होने से डरते है।  - friendship shayari

गुनाह करके सजा से डरते है, ज़हर पी के दवा से डरते है, दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमे, हम दोस्तों के खफा होने से डरते है।

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