Adolf Hitler Quotes, Status, and Thoughts in Hindi

ज़िंदगी कभी भी कमज़ोरी को माफ नहीं करती।

जब व्यवस्था का खात्मा होता है, तब युद्ध शुरू होता है।

ताकतवर व्यक्ति हमेशा अकेला होता है।

मुझे लगता है कि मेरा नेतृत्व वैसा ही है जैसा सर्व शक्तिमान चाहते हैं।

हमारा सम्पूर्ण विश्व भगवान और शैतानों द्वारा मिलकर बना है।

सत्य मायने नहीं रखता, जीत मायने रखती है।

महान असत्यवादी महान जादूगर भी होते है।

मुझे ये समझ नही आता की इंसान प्रकृति के जितना ही क्रूर क्यों नही हो सकता।

विजेता से कभी नहीं पूछा जायेगा की क्या उसने सच कहा था।

सफलता ही सही और गलत का, एकमात्र सांसारिक निर्णायक है |

लोगों का बड़ा समूह छोटे झूठ की अपेक्षा बड़े झूठ का आसानी से शिकार बन जाता है।

चुनाव के माध्यम से एक महान व्यक्ति खोजने से पहले एक ऊंट सुई की आंख से निकल जायेगा ...

शक्ति बचाव में नहीं आक्रमण में निहित है...

व्यापक जनसँख्या किसी और ताकत से अधिक भाषण की अपील के प्रति संवेदनशील होती है!

व्यक्तिगत ख़ुशी के दिन बीत चुके हैं ।

हमेशा ही विश्वास के खिलाफ लड़ना, ज्ञान के खिलाफ लड़ने से अधिक कठिन होता है !

जो कोई भी यूरोप में युद्ध की मशाल जलाता है, वो कुछ और नहीं बस अराजकता की कामना कर सकता है!

यदि आप एक बड़ा झूठ बोलते हैं और उसे अक्सर बोलते हैं तो उस पर यकीन कर लिया जायेगा ।

जर्मनी या तो एक विश्व-शक्ति होगा, या फिर होगा ही नहीं।

सफलता की सबसे पहली आवश्यकता हिंसा का नियमित और निरंतर नियोजन है.

केवल वही , जो युवाओं का मालिक होता है, भविष्य में लाभ उठता है!

मानवतावाद मूर्खता और कायरता की अभिव्यक्ति है!

अगर आज़ादी में हथियारों की कमी है, तो हमें इच्छा शक्ति से इसका हर्जाना भरना चाहिये।

उस शासक के लिए किस्मत क्या होगी जो इंसान सोचता ही ना हो।

कोई भी जीत के साथ समझौता कर सकता है. केवल एक तेजस्वी ही हार को बर्दाश्त कर सकता है!

शब्द अज्ञात क्षेत्रो में भी पुल का निर्माण करते है।

सभी प्रचार लोकप्रिय होने चाहिये और इन्हें जिन तक पहुचना है उनमे से सबसे कम बुद्धिमान व्यक्ति के भी समझ में आने चाहिये।

मै ज्यादातर लोगो के लिए भावना का प्रयोग करता हु और कुछ के लिए कारण बचा कर रखता हु।

वह आदमी जिसे इतिहास का जरा भी ज्ञान नहीं है, वह उस इंसान के बराबर है जिसे आँख और कान न हो।

आश्चर्य, डर, तोड़-फोड़, हत्या के जरिये दुश्मन को अंदर से हतोत्साहित (भयभीत) कर दो। यह भविष्य का युद्ध है।

कौन कहता है की वह भगवान की सुरक्षा में नहीं है?

किसी भी राष्ट्र को पराजित करने से पहले वहा के नागरिको से हथियार छिनने होंगे।

नफरत नापसंदी की तुलना में ज्यादा स्थायी होती है।

जब दो देशो के बिच राजनितिक संबंध खत्म हो जाते है, तभी युद्ध की शुरुवात होती है।

“पढना अपने आप में ही एक अंत नही है, बल्कि ये तो अंत करने का ही एक साधन है।

पढने की कला में जरुरत की चीजो और बातो को यद् रखना और बेमतलब की बातो को भूलना भी शामिल है।

जो कोई भी आकाश को हरा और मैदान को नीला देखता या पेंट करता है उसे मार देना चाहिए।

कोई भी गठबंधन जिसका उद्देश्य युद्ध शुरू करना नहीं है वो मूर्खतापूर्ण और बेकार है।