Dalai Lama Quotes, Status, and Thoughts in Hindi

एक छोटे से विवाद से एक महान रिश्ते को घायल मत होने देना।

नींद सबसे अच्छा चिंतन है।

हमारे जीवन का उद्देश्य प्रसन्न रहना है।

मेरा धर्म बहुत सरल है, मेरा धर्म दयालुता है।

आँख के बदले आँख ,ऐसा करने से हम सभी एक दिन अंधे हो जायेंगे।

दुनिया नेताओं की नहीं है। दुनिया सारी मानवता की है।

प्रसन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नहीं है। ये आप ही के कर्मों से आती है।

जहाँ अज्ञानता हमारा स्वामी है, वहाँ वास्तविक शांति की कोई संभावना नहीं है।

खुशी अपने आप बनाई हुई नहीं मिलती है, यह अपने खुद के कार्यों से आती है।

दूसरों के व्यवहार के कारण अपनी आंतरिक शांति को नष्ट न होने दें।

मैं अपने दुश्मनों को हराने के लिए उन्हें अपना दोस्त बना लेता हूँ।

हम बाहरी दुनिया में कभी शांति नहीं पा सकते हैं, जब तक की हम अन्दर से शांत ना हों।

यदि आपकी कोई विशेष निष्ठा या धर्म है, तो अच्छा है। लेकिन आप उसके बिना भी जी सकते हैं।

मैं धर्म का आदमी हूं लेकिन धर्म हमारी सभी समस्याओं का जवाब नहीं दे सकता है।

प्रेम और करुणा आवश्यकताएं हैं, विलासिता नहीं उनके बिना मानवता जीवित नहीं रह सकती।

अपनी क्षमताओं को जान कर और उनमे यकीन करके ही हम एक बेहतर विश्व का निर्माण कर सकते हैं।

जब तक हम अपने आप से सुलह नही कर लेते तब तक हम दुनिया से भी सुलह नहीं कर सकते।

जब कभी संभव हो दयालु बने रहिये। यह हमेशा संभव है।

अगर आप यह सोचते है की आप बहुत छोटे है तो एक मच्छर के साथ सोकर देखिये।

आपका शत्रु ही आपका सबसे अच्छा शिक्षक होता है।

अविश्वास में पारदर्शिता की कमी और असुरक्षा की गहरी भावना।

सकारात्मक कार्रवाई करने के लिए हमें एक सकारात्मक दृष्टि विकसित करनी होगी।

जब आप कुछ गँवा बैठते है तो उससे प्राप्त शिक्षा को न गवाएं।

जब आप कृतज्ञता का अभ्यास करते हैं, तो दूसरों के प्रति सम्मान की भावना होती है।

हम धर्म और ध्यान के बिना रह सकतें है, लेकिन हम मानव स्नेह के बिना जीवित नहीं रह सकते।

शांत मन आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास लाता है, इसलिए यह अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मंदिरों की आवश्यकता नहीं है, ना ही जटिल तत्त्वज्ञान की. मेरा मस्तिष्क और मेरा हृदय मेरे मंदिर हैं; मेरा दर्शन दयालुता है।

यदि आप दूसरों की मदद कर सकते हैं, तो अवश्य करें; यदि नहीं कर सकते हैं तो कम से कम उन्हें नुकसान ना पहुचाइए।

यदि आप दूसरों को प्रसन्न देखना चाहते हैं तो करुणा का भाव रखें. यदि आप स्वयम प्रसन्न रहना चाहते हैं तो भी करुणा का भाव रखें।

काभी-कभी लोग कुछ कह कर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं, और कभी-कभी लोग चुप रहकर अपनी एक प्रभावशाली छाप बना देते हैं।

मेरे लिये प्यार और सहानुभूति ही सबसे बड़ा धर्म है लेकिन इसे विकसित करने के लिये हमें किसी धर्म पर विश्वास करने की जरुरत नही है।

सभी प्रमुख धार्मिक परंपराओं को मूल रूप से एक ही संदेश है कि प्यार, दया और क्षमा महत्वपूर्ण बात यह है कि वे हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा होना चाहिए ।