Bhagat Singh Quotes, Status, and Thoughts in Hindi

सिने पर जो ज़ख्म है, सब फूलों के गुच्छे हैं, हमें पागल ही रहने दो, हम पागल ही अच्छे हैं!

देशभक्तों को अक्सर लोग पागल कहते हैं!

जिंदगी तो सिर्फ अपने कंधों पर जी जाती है, दूसरों के कंधे पर तो सिर्फ जनाजे उठाए जाते हैं!

मेरी कलम मेरे जज्बातों को इस कदर समझती है की मै “इश्क” लिखने की कोशिश करूँ तो भी इन्कलाब ही लिखा जाता है!

जिन्दा रहने की हसरत मेरी भी है, पर मै कैद रहकर अपना जीवन नहीं बिताना चाहता!

प्रेमी, पागल और कवि एक ही चीज से बने होते हैं!

लिख रह हूँ मैं अंजाम जिसका कल आगाज़ आएगा… मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लाएगा!

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है, मैं एक ऐसा पागल हूं जो जेल में भी आजाद है!

यदि बहरों को सुनाना है तो आवाज़ को बहुत जोरदार होना होगा!

व्यक्ति की हत्या करना सरल है परन्तु विचारों की हत्या आप नहीं कर सकते!

मेरा धर्म देश की सेवा करना है!

मै खुद भी जीना चाहता हूँ और मेरी भी इच्छाएं हैं, पर देश के लिए इन सब का त्याग करने को हमेशा तैयार हूँ!

स्वतंत्रता हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है और अगर कोई इसके बीच रोड़ा बने तो आदमी को क्रांतिकारी बनने का भी अधिकार है!

किसी भी इंसान को मारना आसान है, परन्तु उसके विचारों को नहीं। महान साम्राज्य टूट जाते हैं, तबाह हो जाते हैं, जबकि उनके विचार बच जाते हैं!

“जो व्यक्ति विकास के लिए खड़ा है उसे हर एक रूढ़िवादी चीज की आलोचना करनी होगी, उसमें अविश्वास करना होगा तथा उसे चुनौती देनी होगी!

इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है , जैसाकि हम विधान सभा में बम फेंकने को लेकर थे!

मैं एक मानव हूँ और जो कुछ भी मानवता को प्रभावित करता है उससे मुझे मतलब है!

दिल से निकलेगी न मरकर भी वतन की उलफत, मेरी मिट्टी से भी खुशबू-ए वतन आएगी !

इंसानों को कुचलकर आप उनके विचारो को नही मार सकते!

मेरा धर्म सिर्फ देश की सेवा करना है!

इंसान तभी कुछ करता है जब वो अपने काम के औचित्य को लेकर सुनिश्चित होता है!

“क्रांतिकारी सोच के दो आवश्यक लक्षण है – बेरहम निंदा तथा स्वतंत्र सोच!

महान साम्राज्य ध्वंस हो जाते हैं पर विचार जिंदा रहते हैं!

बम और पिस्तौल क्रांति नहीं लाते हैं। क्रान्ति की तलवार विचारों के धार बढ़ाने वाले पत्थर पर रगड़ी जाती है।