Tulsidas Ji Quotes, Status, and Thoughts in Hindi

जो इंसान निरंतर सुख करता रहता है, उन्हें जीवन में कभी नहीं सुख मिलता।

अभिमानी व्यक्ति चाहे वह आपका गुरु, पिता व उम्र अथवा ज्ञान में बड़ा भी हो, उसे सही दिशा दिखाना अति आवश्यक होता है।

जिनके पास धर्म का ज्ञान है वे सभी कहते हैं कि सत्य ही परम धर्म है।

बड़े कहते हैं कि विद्वानों व बुद्धिमानों से परामर्श ही विजय का आधार होता है।

पिता, गुरु, ज्येष्ठ भ्राता जो धर्म पालन का ज्ञान देते हैं वो सभी पिता के समान होते हैं।

दया, सद्भावना और मानवता महान पुण्यकारी गुण है।

उदास न होना, कुंठित न होना अथवा मन को टूटने ना देना ही सुख और समृद्धि का आधार है।

बिना पानी के बादलों के गरजने से बरसात नहीं होती। सच्चे वीर और पहलवान बेवजह नहीं दहाडते हैं, वे युद्ध में अपना शौर्य दिखाते हैं।

समय ही व्यक्ति को सर्वश्रेष्ठ और कमजोर बनाता है।

उत्साह में असीमित शक्ति होती है। उत्साहित व्यक्ति के लिए कुछ भी असंभव नहीं होता।

अपने जीवन का अंत कर देने से कोई अच्छाई नहीं होती, सुख और आनंद का रास्ता जीवन से ही निकलता है।

सम्मान की रक्षा भी हो, मांगा भी जाए और प्रियतम का नृत्य नया-नया स्नेह भी बढे – ये तीन विपरीत बातें हैं।

धर्म किसी देश के सभी लोगों को एकजुट रखने में समर्थ होता है।

शत्रु को युद्ध में उपस्थित पा कर कायर ही अपने प्रताप की डींग मारा करते हैं।

मित्र से याचना करने से प्रेम बढ़ता नहीं, घटता है।

धार्मिक व्यक्ति दुःख को सुख में बदलना जानता है।

सम्मान चाहने वाला व्यक्ति मांग नहीं सकता, मांगने वाले का सम्मान नहीं रह सकता।

आग्रह हर समन्वय को कठिन बनाता है, जबकि उदारता उसे सरल।

धन, सुख, संपत्ति व समृद्धि सभी धर्म के मार्ग में ही प्राप्त होते हैं।

लक्ष्य निश्चित हो, पाव गतिशील हों तो मंजिल कभी दूर नहीं होता।

अत्यधिक लंबे समय की दूरी या ओझलपन से प्रेम व स्नेह में कमी आ जाती है।

धर्म का काम किसी का मत बदलना नहीं , बल्कि मन बदलना है।

सफलता का सबसे बड़ा सूत्र है व्यक्ति का अपना पुरुषार्थ।

किसी भी एक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए निम्नलिखित गुणों का होना आवश्यक है।

मानव वह होता है जो नए पाठ का निर्माण करे।

कठिनाइयों का बलपूर्वक सामना करने की क्षमता

भावी पीड़ी को संस्कारी बनाए रखना विकास की सशक्त शृंखला है।

वीर व बलवान पुरुष क्रोधित नहीं होते।

चिंता नहीं चिंतन करो

यदि जीवित रहेंगे तो सुख और आनंद की प्राप्ति कभी-ना-कभी अवश्य होगी।

जनता सरकार को बनाती है, सरकार जनता को नही।

पतिव्रता स्त्री के आंसू धरती पर बेकार नहीं गिरते, वे उनका विनाश करते हैं जिनके कारण वश से वे आंखों से बाहर निकलते हैं।

जो होना है उसे कोई रोक नहीं जा सकता इसलिए आप सभी आशंकाओं के तनाव से मुक्त होकर अपना काम करते रहो।