Karl Marx Quotes, Status, and Thoughts in Hindi

धर्म जनता की अफीम है।

क्रांतियां इतिहास का इंजन होती हैं।

लोकतंत्र समाजवाद का मार्ग है।

नरक का मार्ग अच्छे आशय से तैयार किया जाता है।

मैं एक मशीन हूँ जो किताबों को खा जाने के लिए दण्डित है।

चिकित्सा बीमारी की तरह संदेह को भी ठीक करती है।

अंतिम शब्द उन मूर्खों के लिए हैं जिन्होंने पर्याप्त नहीं कहा है।

लोगों की खुशी के लिए पहली आवश्यकता धर्म का उन्मूलन है।

नौकरशाह के लिए दुनिया महज एक हेरफेर करने की वस्तु है।

पिछले सभी समाजों का इतिहास वर्ग संघर्षों का इतिहास रहा है।

उपयोग की वस्तु हुए बिना, किसी चीज की कीमत नहीं हो सकती।

कारण हमेशा से अस्तित्व में रहे हैं, लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं।

कंजूस मात्र एक पागल पूंजीपति है, पूंजीपति एक तर्कसंगत कंजूस है।

प्रत्येक युग के शासक विचार हमेशा उसके शासक वर्ग के विचार रहे हैं।

धर्म, मानव मस्तिष्क जो न समझ सके, उससे निपटने के लिए नपुंसकता है।

केवल मात्रात्मक अंतर एक निश्चित बिंदु से परे गुणात्मक परिवर्तनों में बदल जाते हैं।

पुरुष अपना इतिहास खुद बनाते हैं, लेकिन वे इसे वैसा नहीं बनाते जैसा वे चाहते हैं।

यदि बाहरी रूप और चीजों का सार सीधे मेल खाता है तो सभी विज्ञान अनावश्यक होंगे।

इस प्रकार मनुष्य का अलगाव पूंजीवादी समाज की मूलभूत बुराई के रूप में प्रकट हुआ।

धर्म उन घटनाओं से निपटने के लिए मानव मन की नपुंसकता है जिसे वह समझ नहीं सकता।

जमींदार, सभी अन्य लोगों की तरह, वैसी फसल काटना पसंद करते हैं जिसे कभी बोया ही नहीं।

दर्शनशास्त्र और वास्तविक दुनिया के बीच का संबंध है जो ओननिवाद और कामुकता का प्रेम है।