Dushman Ke Liye Attitude Shayari – जो ज़ुबान बंद कर दे
कुछ दुश्मन ऐसे होते हैं जो सामने कुछ नहीं कह पाते, लेकिन पीछे से ज़हर घोलते हैं।
और फिर कुछ लोग ऐसे होते हैं जो उनकी एक मुस्कान से ही उनके होंसले तोड़ देते हैं।
Dushman Ke Liye Attitude Shayari उन लोगों के लिए है जिनका जवाब देना ज़रूरी नहीं होता — उन्हें लफ्ज़ों में झुका देना ही काफी होता है।
हमारे एटीट्यूड का अंदाज़ वही समझ सकता है, जिसने हमारी खामोशी को नजरअंदाज किया हो।
क्योंकि हम बहस नहीं करते — हमारा रुतबा ही काफी होता है किसी की औक़ात याद दिलाने के लिए।
और जब बात दुश्मनों की हो, तो हमारी शायरी ही उनकी सबसे बड़ी शिकस्त बन जाती है।
इस ब्लॉग में आपको मिलेंगी सबसे धारदार, करारी और सीधा असर करने वाली Dushman Wali Attitude Shayari,
जो न सिर्फ आपके दुश्मनों को जवाब देगी, बल्कि उन्हें आईना भी दिखाएगी — वो भी शायराना अंदाज़ में।
क्योंकि हम वार लफ़्ज़ों से करते हैं, लेकिन असर दिल और दिमाग दोनों पर छोड़ते हैं।

गद्दी तेरी पर ताज हमारा होगा और शहर कोई भी हो बह चो पर राज हमारा होगा !

जब जान प्यारी थी तब दुश्मन हज़ार थे अब मरने का शौक है तो कातिल नहीं मिलते !

हम से दुश्मनी करना मतलब मौत को दावत देना है !

दुश्मन भी हमारी हालत पे हंस कर बोला, जिसका हम कुछ ना कर पाये उसका मोहब्बत ने क्या हाल कर दिया !

लत तेरी ही लगी है नशा सरेआम होगा हर लम्हा मेरी दुश्मनी का सिर्फ तेरे नाम होगा!

शख्सियत दमदार हो तभी दुश्मन बनते है वरना कमजोर को पूछता कौन है!

भाई बोलने का हक़ मैंने सिर्फ दोस्तों को दिया है, वरना दुश्मन तो आज भी हमें बाप के नाम से पहचानते हैं!

मास्क लगा कर 2 महीने में थक गया वो दुशामन जो कहता था औरत को हमेशा पर्दे में रहना चाहिए !

जब दुश्मनी में मज़ा आने लगता है तो साले दुश्मन माफी मांगने लग जाते है!

दुश्मन और सिगरेट को जलाने के बाद उन्हे कुचलने का मज़ा ही कुछ और होता है !

जब दुशमन पत्थर मारे तो उसका जवाब फूल से दो लेकिन वो फूल उसकी कबर पर होना चाहिये!

चलो आज चक्कर लगाने जाते है दुश्मन की गली में देखना है अपने दिल की धड़कने तेज होती है या दुश्मन की !

मैं हैराँ हूँ कि क्यूँ उस से हुई थी दोस्ती अपनी मुझे कैसे गवारा हो गई थी दुश्मनी अपनी

अपनों ने दिया है धोखा गैरों से शिकायत क्या? जब दोस्त ने खंजर मारा दुश्मन की जरूरत क्या..

हमारे Attitude को देख कर दुश्मन भी दोस्त बन जाते हैं !

तुझसे अच्छे तो मेरे दुश्मन निकले जो हर बात पर कहते हैं तुम्हें नहीं छोड़ेंगे !

दुश्मन की शकल देख कर उसकी औकात बता देते हैं.

पता था वो दुश्मन दबाना चाहते थे फिर भी हम उन्हें आजमाना चाहते थे !

ऐ नसीब जरा एक बात तो बता तु सबको आजमाता हैँ या मुझसे ही दुश्मनी हैँ !

ज़ुल्म इतना ना कर की लोग कहेँ तुझे दुश्मन मेरा हमने ज़माने को तुझे अपनी जान बता रख्खा हे !

चलती है गाड़ी उड़ती है धूल जलते हैं दुश्मन खिलते हैं फूल गुड इवनिंग

रफ़्तार ज़िन्दगी की कुछ यूँ बनाये रखिये दुश्मनों से भी बात अदब से कीजिये !

दुश्मन बनाने के लिए जरूरी नहीं लड़ा जाए. आप थोड़े से कामयाब हो जाओ ये सब खैरात में मिलेंगे!

हम हमारी दोस्ती ओर दुश्मनी कभी नहीं बुलते हैं मरते दम तक इस रिश्ते को निभाते हैं !

मेरा कोई दुश्मन नही था बस भगवा रंग सर चढ़ गया और लाखों विधर्मी मेरे दुश्मन बन गए ।

मेरी नाराज़गी पर हक़ मेरे अहबाब का है बस भला दुश्मन से भी कोई कभी नाराज़ होता है !

जलते है मेरे दुश्मन मुझसे, क्यूंकि मेरे दोस्त मुझे दोस्त नहीं भाई मानते है !

दुश्मनी मतलबी है और अपना कोई खास नही होता जब आती है मुसीबत कोई पास नही होता !

वाक़िफ़ कहा दुश्मन हमारी उड़ान से वो कोई ओर थे जो हार गये तूफ़ान से!

उस दिन भी कहा था और आज फिर कहते हैं सिर्फ उम्र ही छोटी हैं लेकिन जज्बा तो दुनिया को मुट्ठी में करने का रखते हैं !

हमारे हौसले कौन रोक पाएगा अगर कोई दुश्मन आएगा तो आंखों से सिर्फ सावन बरसाएगा ?

मेरे चाहने वाले बहुत अच्छे है औऱ मेरे दुश्मन मेरे सामने अभी बच्चे है।