Ghamand Todne Wali Shayari – घमंड को झुका देने वाले लफ़्ज़
घमंड जब हद से बढ़ता है, तो उसे तोड़ना ज़रूरी हो जाता है।
क्योंकि जो लोग खुद को सबसे ऊपर समझते हैं, उन्हें नीचे लाना लफ़्ज़ों की आग से बेहतर कोई तरीका नहीं।
Ghamand Todne Wali Shayari उन्हीं घमंडी चेहरों के लिए है जो दूसरों को कमज़ोर समझने की भूल कर बैठते हैं।
हम खामोश ज़रूर रहते हैं, लेकिन बेबस नहीं हैं।
हमारी जुबान से निकले अल्फ़ाज़ किसी की अकड़ को ऐसे तोड़ते हैं, जैसे ताश के पत्तों का महल एक झटके में ढह जाता है।
क्योंकि असली ताक़त शोर में नहीं, उस चुप्पी में होती है जो सही वक्त पर तेज़ और सीधा वार करती है।
इस ब्लॉग में आपको मिलेंगी सबसे दमदार, करारी और ताव से भरी Ghamand Todne Wali Shayari,
जो आपके Attitude को सही अंदाज़ में पेश करेगी — और सामने वाले के घमंड को ज़मीन पर ला देगी।
क्योंकि घमंड चाहे किसी का भी हो, जब हक़ की आवाज़ उससे टकराती है, तो झुकना उसकी मजबूरी बन जाती है।

पैसा बहुत था पर वो अपनी औक़ात खो बैठा अमीरी के फेर में जब पिता का साथ खो बैठा !

हम खुदा से उस शक्स को पाने की दुआ कर बैठे है जिसे खुद के होने पे ही इतना घमंड है !

किस बात का इतना घमंड किस बात का इतना गुरूर वक़्त के हाथों बने सब शेर वक़्त ही करे सब चकनाचूर !

जिसने कद्र-ऐ-बलिदान को जाना है घमंडी उसे ही जगत ने माना है !

मेरे सारे कसूरों पर भारी मेरे एक कसूर है मैं उसे पसंद करता हूँ बस इसी बात का उसे गुरूर है !

कभी सम्मान तो कभी सादगी भी घमंड का कारण बन जाती है !

चुभता तो बहुत कुछ मुझको भी है तीर की तरह मगर ख़ामोश हूँ अपनी तक़दीर की तरह !

धन के आते ही इंसान की नियत बदल जाती है मंजिल मिलते ही इंसान की फितरत बदल जाती है!

गुरूर के भी अजब हैं किस्से आज मिट्टी के ऊपर कल मिट्टी के नीचे !

हम आपके हर अंदाज से वाकिफ है जनाब आप घमंड तो रखते हो पर हमारे साथ होने का !

औकात की बात मत कर ऐ दोस्त लोग तेरी बंदूक से ज्यादा मेरी मूँछ से डरते है !

मुझे तलाश है जो मेरी रुह से प्यार करे वरना इन्सान तो पैसों से भी मिल जाया करते हैं !

माना कि मैं बुरा हूँ पर दूसरे लोगो की तरह किसी पर कीचड़ नहीं उछा!

हम को खरीदने की कोशिश मत करना हम उन पुरखो के वारिस है जिन्हो ने मुजरे में हवेलिया दान कर दी थी !

बोल दिया होता तुम्हे दर्द देना है ऐ ज़िंदगी मोहब्बत को बीच में लाने की क्या जरुरत थी !

वक्त वक्त की बात आज तुम्हारा है, इसका मतलब ये नही कि कल भी तुम्हारा ही हो।

रिश्ते तब टूटने लगते है जब कोई अहंकारी हो जाए अच्छा है मांग कर माफी वो रिश्ता निभाया जाए ।

घमंड और पेट जब ये दोनों बढ़तें हैं तब इन्सान चाह कर भी किसी को गले नहीं लगा सकता !

घमंड मत करना कभी, वक़्त वजुद और विरासत, कब खत्म हो जाए पता भी नही चलता किसी को।

तुझे तेरा घमंड ही हरायेगा मैं कौन हूं ये तो वक्त बताएगा!

घमंड किसी का भी नहीं रहता साहब टूटने से पहले गुल्लक को भी लगता है कि सारे पैसे उसी के है..!

हाथ की लकीरों पर नहीं बल्कि हाथ की लकीरें बनाने वाले पर भरोसा करो ।

वो छोटी-छोटी उड़ानों पे गुरूर नहीं करता हैं जो परिंदा अपने लिए आसमान ढूढ़ता हैं !

तूने फेसले ही फासले बढाने वाले किये थे वरना कोई नहीं था तुझसे ज्यादा करीब मेरे !

कभी भी अपनी दौलत-शौहरत पर घमण्ड न करना, यहाँ कोई अमर नही।

मुझे घमंड था की मेरे चाहने वाले बहुत है इस दुनिया में बाद में पता चला की सब चाहते है अपनी ज़रूरत के लिए !

सुन्दर दिल वाले से प्यार करना चाहिए, अक्सर खूबसूरत चेहरे के पीछे घमंड छिपा होता है।

जब घमण्ड तेरा हद पार कर जाए तो तब शमसान का एक चक्कर लगा आना तुजसे बेहतरीन लोग वहां राख बने पड़े है !।

चेहरे पर हंसी छा जाती हैं आँखों में सुरूर आ जाता हैं जब तुम मुझे अपना कहते हो मुझे खुद पर गुरूर आ जाता हैं !

बहुत घमंड भी था मुझे तुम्हारा होने का, पर घमंड था ना, एक दिन टूटना ही था!

आप ज़िन्दगी में जितने अच्छे बनोगे उतने ही घटिया लोग मिलेंगे ।

मैं अन्धेरा हूं तो अफसोस क्यूं करूं मुझे गुरूर है रोशनी का वजूद मुझसे है !