Aukat Status for Haters – जो जलते हैं, वही आपकी पहचान हैं
औक़ात दिखाने की ज़रूरत सिर्फ उन्हें होती है जो बार-बार हदें पार करते हैं।
और हेटर्स का काम ही है जलना, जलते रहना — क्योंकि उन्हें आपकी उड़ान कभी हज़म नहीं होती।
Aukat Status for Haters उन लोगों की आवाज़ है जो सामने कुछ और होते हैं, लेकिन पीठ पीछे आपकी कामयाबी से खौफ खाते हैं।
हर बार जब आप आगे बढ़ते हैं, जब लोग आपके नाम की चर्चा करते हैं —
तब कहीं ना कहीं किसी का ego जलता है, किसी की नींद उड़ती है।
लेकिन सच्चे खिलाड़ी कभी जवाब लफ्ज़ों से नहीं देते — उनका Attitude ही उनकी सबसे बड़ी जुबान होता है।
इस ब्लॉग में हम लाए हैं सबसे दमदार, सीधा और आग लगाने वाले Aukat Status in Hindi,
जो आपके haters को बिना नाम लिए उनकी औक़ात याद दिला देंगे।
क्योंकि जो लोग आपकी पीठ पीछे बात करते हैं, असल में वही आपकी कामयाबी के गवाह होते हैं।

औकात देखकर जरूरते भी सिमट जाती है, जेब में पैसा न हो तो भूख भी मिट जाती है!

लोग बातों ही बातों में हालात पूछ लेते हैं, कितना कमा लेते हो कहकर, औकात पूछ लेते हैं!

औकात तो कुत्तों की होती है, हमारी तो हैसियत है!

औकात की बात मत करो, जिस दिन सामना होगा उस दिन हस्ती मिटा देंगे!

बुरे वक्त की भी क्या बात होती है, वो भी सलाह देता है जिसकी कोई औकात नहीं होती है!

नज़रों से “घमण्ड” का पर्दा भी हटाएगा, वक़्त ही तुझे तेरी औक़ात दिखाएगा!

तमन्ना रखता हुँ आसमान छू लेने कि, लेकिन औरों को गिराने का इरादा नहीं करता!

अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उँगलियाँ, जिनकी हमे छूने की औकात नहीं होती!

मतकर मनमानी बर्बाद हो जाएगा हमारे Attitude में, इतना करंट है की जल के राख हो जाएगा!

औकात की बात मत कर पगली, हम तो इंटरनेट भी मेन बेलेंस पर चलाते है !

कुछ लोग इस तरह जीने का सलीका सिखाते है, औकात में रहूं इसीलिए औकात दिखाते है!

औकात बस इतनी सी रखिये की, सामने वाला आपकी औकात दिखाने से पहले, खुद की औकात देख ले!

शरीफ तो हम यूँही है, वर्ना ताली तो हमारी हर एक गाली पर पड़ती है !

कुछ के पास बहाने होते है और कुछ के पास नतीजे।

कागजो पर तो अदालते चलती है हम तो रॉयल छोरे है फैसला On The Spot करते है!

औकात नहीं हैं आँख से आँख मिलाने की, और बात करते हैं हमारा नाम मिटाने की!

सुन छोरे तू मेरे साथ नही तो कोई बात नही हैं, मैं तेरे इश्क में रोऊ इतनी तो तेरी औकात नही हैं !

नाम और पहचान चाहे छोटी हो पर अपने दम पर होनी चाहिए।

औकात की क्या बात करती है पगली हम तो उनमे से है, जो शराफत भी बड़ी बदमाशी से करते हैं!

रात को गिदड़ कितना भी चिल्ला ले, सुबह तो शेर का ही दबदबा होता है!

भाव हम देते नहीं और, अकड़ हम सहते नहीं !

एक अलग सी पहचान बनाने की आदत है हमें, जख्म हो जितना गहरा उतना मुस्कुराने की आदत है हमें!

कुछ लोग अपनी औक़ात दिखा देते हैं, गिराने की फ़िराक़ में बस इल्जाम लगा देते हैं!

वो मेरी न हुई तो इसमें “हैरत” की कोई बात नहीँ, क्योँकि “शेर” से दिल लगाये “बकरी” की ईतनी औकात नही!

बादशाह नहीं बाजीगर कहते है लोग हमें, क्युकी झुकना हमारे खून में नहीं !

तुझे एक नज़र देखना चाहते हैं, देखकर नज़रों में बसाना चाहते हैं!

मालूम है “मुझे” मेरी औक़ात, हर बार क्यों “दिखाते” हो, छोड़ना है तो “छोड़” ही जाओ न, यूँ हर बार “क्यों” सताते हो!

हम ने देखा है ज़माने का बदलना लेकिन उनके बदले हुए तेवर देखे नहीं जाते!

इस क़दर आप के बदले हुए तेवर हैं कि, मैं अपनी ही चीज़ उठाते हुए डर जाता हूँ !

वो मुझे ज़िन्दगी जीने का तरीका बता रहे है, जिनकी औकात मेरे Attitude के बराबर भी नहीं!

आज हमसे वो “पूछ” रहे है हमारी औकात, जो हमारी “रहमतों” के कर्जदार आज भी हैं!