Narazgi Shayari in Hindi – Narazgi Status for WhatsApp
नाराज़गी अगर अपनों से हो, तो दर्द और गहराता है।
क्योंकि जिससे सबसे ज़्यादा मोहब्बत होती है, उसी से गिला भी सबसे ज़्यादा होता है।
जब अपने ही खामोश हो जाएं या नज़रें चुराने लगें — तब दिल कहता है, "कहीं हमने ही तो कुछ गलत नहीं कह दिया?"
Narazgi Shayari वही अनकहा एहसास है, जो दिल में चुभता है लेकिन ज़ुबान तक नहीं आ पाता।
हर रिश्ता अपने साथ कुछ उम्मीदें लेकर आता है,
और जब वही उम्मीदें टूटती हैं, तो नाराज़गी बन जाती है — कभी चुपचाप सी, कभी तुफ़ानी सी।
लेकिन इस नाराज़गी में भी एक प्यार छुपा होता है… एक चाहत कि वो शख़्स वापस आ जाए, एक बार फिर सब पहले जैसा हो जाए।
शायरी उस दर्द को अल्फ़ाज़ देती है जिसे हम चुपचाप सहते हैं, शायद इस उम्मीद में कि पढ़कर सामने वाला समझ जाए।
इस ब्लॉग में हम लाए हैं सबसे खूबसूरत, भावनात्मक और सच्चे जज़्बातों से भरी Narazgi Shayari in Hindi,
जो आप अपने WhatsApp Status पर लगाकर बिना कहे भी सब कह सकते हैं।
क्योंकि कुछ नाराज़गियाँ तो बस इसलिए होती हैं — ताकि कोई हमें मना ले, अपनेपन से।

यूँ तो हम रोज तुम्हे याद करते है, दौर नाराजगी का ख़त्म हो फिर बात करते है।

उसकी हर गलती भूल जाता हूँ जब वो मासूमियत से पूछती है नाराज है क्या !

नाराज़गी जायज़ है तुमसे, मगर नफ़रत मुमकिन नही।

जिंदगी मे अपनापन तो हर कोई दिखाता है पर अपना है कौन यह वक़्त ही बताता है !

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना !

शिकायतें करनी छोड़ दी हैं मैंने उससे, जिसे फर्क मेरे आँसुओं से नहीं पड़ता, मेरे नाराजगी से क्या होगा।

काश ये दिल बेजान होता ना किसी के आने से धडकता ना किसी के जाने पर तडपता !

किसी को मनाने से पहले ये जान लेना कि वो तुमसे नाराज है या परेशान।

किस बात पर खफा हो, यह जरूर बता देना, अक्सर दिल में छुपी नाराजगी से, रिश्तों की डोर कमजोर हो जाती है।

इतना तो बता जाओ खफा होने से पहले वो क्या करे जो तुम से खफा हो नहीं सकते!

नाराजगी जिंदगी से हो जाये, तो भी इससे रूठा नहीं करते, छोटी सी बात पर, यूँ उम्र भर के लिए टूटा नहीं करते।

यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमने कि इल्जाम झूठे भले हैं पर लगाये तो तुमने हैं!

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही लेकिन रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते है !

रिश्ते दूर तक चलते अगर, नाराजगी की उम्र कम हो।

जब से तुमने रुठे को मनाना छोड़ा दिया, तब से हमने खुदा से भी नाराज होना छोड़ दिया।

तेरी बात को खामोशी से मान लेना, ये भी अंदाज है मेरी नाराज़गी का।

हम बेबस हैं बे-परवाह नहीं हम उदास है खफ़ा नहीं कदर करते है दोस्तो की दिल से हम जिंदगी में मजबूर तो हो सकते है लेकिन बेवफ़ा नही !

नाराजगी मुझसे कुछ ऐसे भी जताती है वो, खफा जिस रोज हो जाती है काजल नहीं लगाती है वो।

कहीं नाराज न हो जाए उपरवाला मुझसे हर सुबह उठते ही सबसे पहले तूझे जो याद करता हूँ!

कुछ इस तरह वो रिश्तों की नुमाइश करती है खुदको अच्छी दिखाने के लिए वो अक्सर मेरी बुराई करती है !

तुम भी चली आया करो कभी मनाने मुझको, यूं बेफज़ूल की नाराज़गी तुमसे, मेरी भी जान लेती है।

ठुकरा दिया तूने अच्छा किया मुझे मोहब्बत चाहिए अहसान नहीं!

तु हर साँस के साथ याद आती है अब तु ही बता तेरी याद को रोक दूँ या अपनी साँस को !

नाराज हमसे खुशियाँ ही होती है, गमों के तो इतने नखरे नही होते।

लोग अक्सर एक ही भूल कर जाते है, नाराजगी जिससे हो उसे छोड़ जमाने को बताते है।

निकाल दिए गए कुछ दिलों से, उन्हें हमसे गीला भी नहीं, और एक हम हैं के कब से ज़हेन में नाराजगी लिए बैठे हैं।

अजीब शख्स है नाराज हो के हंसता है मैं चाहता हूँ खफा हो तो खफा ही लगे !

सबको खुश रखने की कोशिश करोगे, तो खुशियाँ नाराज हो जाएँगी, दिखावे के चक्कर में जो फंसोगे, तो बस हार हीं हार पाओगे।

नाराजगी अजीब होती है मोहब्बत की राहों में भी, रास्ता कोई बदलता है, मंजिल किसी और की खो जाती है।

मुझसे नाराज़ हो क्या जो नजरे हमसे चुराते हो वो कौनसी ऐसी बात है जो होथो मै अपनी दबाते हो !

मुझको छोड़ने की वजह तो बता देते, मुझसे नाराज थे या मुझ जैसे हज़ारों थे।

रूठे रिश्ते और नाराज लोग सबूत हैं इस बात के कि ज़ज्बात अब भी जुड़े रहने की ख्वाहिश रखते हैं!

तुम भी online मैं भी online छुप छुपकर देख रहे है नो typing नो typing !