Romantic Chand Shayari in Hindi – जब चाँद भी शरमा जाए
जब मोहब्बत सच्ची हो, तो उसकी रौशनी चाँदनी से कम नहीं लगती।
रात के सन्नाटे में जब आसमान में चाँद अपनी पूरी खूबसूरती से चमक रहा हो,
तो दिल बस उसी शख़्स को याद करता है जिससे मोहब्बत बेइंतहा हो — और तभी लफ़्ज़ बनते हैं Romantic Chand Shayari,
जो ना सिर्फ चाँद की तारीफ करती हैं, बल्कि उसे देखकर अपने प्यार का ज़िक्र भी करती हैं।
चाँद सदियों से मोहब्बत का गवाह रहा है — कभी चुपचाप दो दिलों को जोड़ता है,
तो कभी अकेले में तन्हा दिल को उसके प्यार की याद दिलाता है।
जब आप अपने महबूब की आँखों में वो नूर देखें जो चाँद में होता है,
तो हर शायरी सिर्फ एक एहसास नहीं रह जाती, वो मोहब्बत की गहराई बन जाती है।
इस ब्लॉग में हम लाए हैं सबसे हसीन, प्यार से लबरेज़ Romantic Chand Shayari in Hindi,
जो आप अपने खास इंसान को भेजकर ये बता सकते हैं कि —
तुम्हारी एक मुस्कान के सामने चाँद भी फीका लगता है, और तुम्हारा नाम लेते ही रातें रौशन हो जाती हैं।
क्योंकि जब मोहब्बत चाँद जैसी हो — तो शायरी खुद-ब-खुद दिल से निकलती है।

चांद को देख कर आपको याद करते है तू पास नहीं इसीलिए चाँद से ही बात करते है।

न चाहकर भी मेरे lab पर ये fariyad आ जाती है ऐ chand सामने न आ किसी की yaad आ जाती है !

कितना खूबसूरत चेहरा है चांद का उस पर रंग गहरा है शबाब का खुदा को यकीन ने था वफा पर इसलिए चांद पर पहरा है तारो का।

फलक पर टिका है वजूद सबका लेकिन मोहब्बत तो सिर्फ चांद से ही है।

जिसने मेरी नींद उड़ा रखी है वो बिलकुल चांद जैसा है।

रात भर करता रहा तेरी तारीफ चांद से चाँद इतना जला की सुबह तक सूरज हो गया !

खूबसूरत गज़ल जैसा है तेरा चाँद सा चेहरा, निगाहे शेर पढ़ती हैं तो लब इरशाद करते है।

मुझे तो रोक लिया उसे कैसे रोकोगी तुम वो जब चांद तुम्हें देखेगा उसे कैसे टोकोगी तुम !

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा हैं, वो तारों में तन्हा हैं और मैं हजारों में तन्हा।

सुबह हुई कि छेड़ने लगता है सूरज मुझको कहता है बड़ा नाज़ था अपने चाँद पर अब बोलो !

कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है, दिल को छू जाए प्यार से दो लफ्ज़, वही काफ़ी है।

वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा तो इंतज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से ही मैं !

ख्वाबो की बातें वो जाने जिनका नींद से रिश्ता हो, मैं तो रात गुजारती हुँ चाँद को देखने में।

जिस चाँद के हजारों हो चाहने वाले वो क्या समझेगा एक सितारे की कमी को !

जानता हूं बड़ा मगरूर है तू ए-चांद, क्या करूं मेरी तन्हाई का साथी भी बस तू है।

रोज सुबह चिढ़ाता है सूरज भी उगने पर, कहता है अब कहां है, वो चांद जिस पर बड़ा घमंड था तुम्हें।

दीदार- ए- चांद वाली रात आयी है बाजारों में रौनक और घरों में खुशियों की सौगात लायी हैं !

कहां से लाता है इतनी सहनशीलता ये चांद, अपने हिस्से सारे दाग रख दूसरों को रोशन किए जा रहा है।

बादल चाँद को छुपा सकता है आकाश को नहीं हम सब को भुला सकते हैं आपको नहीं !

कल रात इक तारा देखा टूटता हुआ बिल्कुल मेरे जैसा, चांद को जरा भी फर्क न पड़ा, क्योंकि वो भी है तेरे जैसा।

काश हमारी क़िस्मत में ऐसी भी कोई शाम आ जाए एक चाँद फ़लक पर निकला हो एक छत पर आ जाए।

बहुत रोता होगा ये चांद भी और कोसता भी होगा हमें, हमारी चंद ख्वाहिशों ने उसके सारे तारे तोड़ लिए।

न चाहकर भी मेरे लब पर ये फरियाद आ जाती है ऐ चाँद सामने न आ किसी की याद आ जाती है।

वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा, किरदार खुद उभर के कहानी में आएगा।

मोहब्बत भी चाँद की तरह दिखता हैं, जब पूरा होता हैं तो फिर घटने लगता हैं।

डूब चुका जब नील गगन की झील में तेरा हर वादा चमक रहा था मेरे दिल में फिर भी तेरे ग़म का चाँद!

ऐ सनम जिसने तुझे चाँद सी सूरत दी है उसी अल्लाह ने मुझको भी मुहब्बत दी है!

एक रात हसीं ऐसी भी हो जब फूल बिछे राहों में हो, एक चाँद फलक पे निकला हो एक चाँद मेरी बाहों में हो।

चाँद में नज़र कैसे आए तेरी सूरत मुझको आँधियों से आसमाँ का रंग मैला हो गया।

मिलने को उनसे बेकरार इतना थे कि सो न पाए रातभर, आंखों में ख्वाब उनके थे और नाम उनका लिखते रहे चांद पर।

चाँद तारो में नज़र आये चेहरा आपका जब से मेरे दिल पे हुआ है पहरा आपका!

हर सुबह डूब जाता है ये चांद, काश कोई इसे तैरना सीखा देता।

चाँद से तुझ को जो दे निस्बत सो बे इंसाफ़ है चाँद के मुँह पर हैं छाईं तेरा मुखड़ा साफ़ है!

रातों में टूटी छतों से टपकता है चाँद, बारिशों सी हरकतें भी करता है चाँद।

वैसे तो कई दोस्त है हमारे जैसे आसमान में है कई तारे पर आप दोस्ती के आसमान के वो चाँद है जिसके सामने फीके पड़ते हैं सारे सितारे!

चांद की रोशनी आज फिर खिड़की से दस्तक दे रही है, लगता है फिर वो चांद को ताकते हुए हमें याद कर रहे हैं।

दिन में चैन नहीं ना होश है रात में, खो गया है चाँद भी देखो बादल के आगोश में।

नजर में आपकी नज़ारे रहेंगे पलकों पर चाँद सितारे रहेंगे बदल जाये तो बदले ये ज़माना हम तो हमेशा आपके दीवाने रहेंगे!

बेचैन इस क़दर था कि सोया न रात भर पलकों से लिख रहा था तेरा नाम चाँद पर।

चाँद तो अपनी चाँदनी को ही निहारता है उसे कहाँ खबर कोई चकोर प्यासा रह जाता है!