Izhaar-e-Mohabbat Shayari in Hindi – जब दिल कहे, अब कहना है
कभी-कभी दिल बहुत कुछ कहना चाहता है, लेकिन लफ़्ज़ साथ नहीं देते। आंखें सब कुछ बयां करती हैं, मगर होंठ खामोश रह जाते हैं। मोहब्बत अगर दिल में छुपी रहे तो बस एक अहसास बनकर रह जाती है, लेकिन जब उसका इज़हार हो – तो वो ज़िंदगी बन जाती है। Izhaar-e-Mohabbat यानी उस पल की कहानी जब दिल खुद कह उठता है, "अब और नहीं छुपाना... अब कहना है।"
इस पोस्ट में हम आपके लिए लाए हैं बेहद हसीन और दिल को छू जाने वाली Izhaar-e-Mohabbat Shayari in Hindi, जो उस जज़्बे को शब्दों में ढालती है जिसे आप कब से दिल में सँजोए बैठे हैं। ये शायरी उन सभी के लिए है जो किसी को बेइंतहा चाहते हैं, मगर सही लम्हे की तलाश में थे। हो सकता है, आपकी खामोशी को ये शायरी आज आवाज़ दे दे।
तो अगर आपका दिल भी किसी खास के लिए धड़कता है... तो कह डालिए, क्योंकि मोहब्बत बयां करने से ही मुकम्मल होती है।

यह और बात है कि इज़हार नहीं होता वरना प्यार तुमसे बे शुमार करते हैं

कमी है बहुत मुजमे, ये हम जानते है, किसी और की नहीं बस अपने दिल की मानते है,

चलो आज ये दुनिया बांट लेते हैं! तुम मेरे और बाकी सब तुम्हारा!

जो कभी ना बोला आज वो बात कहता हूँ, आज मैं इकरार करता हूँ, मैं तुमसे प्यार करता हूँ,

इस एहसास में ख़ुशी है पर इसे मैं दिखा नहीं सकता, प्यार करता हूँ तुमसे मैं चाह कर भी छुपा नहीं सकता।

किसी भी तरह वो इज़हार तो करे इक बार, नज़र से कह के ज़ुबाँ से भले मुकर जाये।

उन्होने अपने लबो से लगाया और छोड़ दिया, वे बोले इतना जहर काफी है तेरी कतरा कतरा मौत के लिए।

दिल की जो हालत है मेरी वो मैं उससे कह नहीं सकता, काश वो इस एहसास को समझे कि उसके बिना मैं रह नहीं सकता।

दिल उनके लिए ही मचलता है, ठोकर खाता है और संभलता है, किसी ने इस कदर कर लिया दिल पर कब्जा, दिल मेरा है पर उनके लिए ही धड़कता है।

तुम अपनी चाहत का इज़हार जो करो उस इज़हार के इंतज़ार में हम ज़िन्दगी गुजार देंगे .

दिल करता है ज़िन्दगी तुझे दे दूं, ज़िन्दगी की सारी खुशियाँ तुझे दे दूं, दे दे अगर तू मुझे भरोसा अपने साथ का, तो यकीन मान अपनी सांसे भी तुझे दे दूं।

दिल ये मेरा तुमसे प्यार करना चाहता है अपनी मोहब्बत का इज़हार करना चाहता है देखा हैं जब से तुम्हे मेने मेरे ए-सनम सिर्फ तुम्हारा ही दीदार करने को दिल चाहता है।

चलो आज खामोश प्यार को एक नाम दे दे, अपनी मोहब्बत को एक प्यारा अंजाम दे दे

एक दिन कह लीजिए जो कुछ है दिल मे आपके एक दिन सुन लीजिये जो कुछ हमारे दिल मे है

रब से फरियाद बस तेरी एक नजर की करते हैं, अपनी धड़कनों पर हम तेरा ही नाम लिखते हैं।

मिला वो भी नही करते, मिला हम भी नही करते. दगा वो भी नही करते, दगा हम भी नही करते.

एक तू ही चाहिए मुझे सबसे ज्यादा, मोहब्बत है तुझसे खुद से ज्यादा।

आरजू बस एक बस एक रखता हूं। हर दुआ, हर सदके में बस तेरा ही नाम पढ़ता हूं।

कैसे करूँ मैं साबित कि तुम याद बहुत आते हो एहसास तुम समझते नहीं, और अदाए हमें आती नहीं।

कभी तुम नाराज़ हुए तो हम झुक जाएंगे, कभी हम नाराज़ हुए तो आप गले लगा लेना।

हर दुआ में तुझे मांगू सबसे पहले और सबसे ज्यादा, चाहे दुनिया रूठ जाए तुझे नहीं रूठने दूंगा ये मेरा है पक्का वादा।

एक बार कर के ऐतबार लिख दो, कितना है मुझ से प्यार लिख दो, कटती नहीं ये ज़िन्दगी अब तेरे बिन, कितना और करूँ इन्तज़ार लिख दो।

चुपके से आना तुम मेरा दिल इंतेज़ार में बैठा है, तुम्हारी खुशबू के, प्यार के और प्यार के इकरार के।

तरस रहे हैं बड़ी मुद्दतों से हम, अपनी मुहब्बत का इज़हार लिख दो, दीवाने हो जाएँ जिसे पढ़ के हम, कुछ ऐसा तुम एक बार लिख दो।

फिजा में महकती शाम हो तुम, प्यार में झलकता जाम हो तुम सीने में छुपाये फिरते हैं हम यादें तुम्हारी तभी तो मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम

ज़ुल्फों को गिरा के, पलकों को झुकाना सीखा है कहाँ से, ये जादू चलाना आता है तुम्हें तो, यूँ बातें बनाना जाओ जी हटो भी, छोड़ो यूँ सताना..!

तेरी आँखो का इज़हार मै पढ़ सकता हूँ, पगली किसी को अलविदा युँ मुस्कुराकर नहीं कहते.

आपकी मुस्कान हमारी कमजोरी है कह ना पाना हमारी मजबूरी है आप क्यों नहीं समझते इस जज़्बात को, क्या खामोशियों को ज़ुबान देना ज़रूरी है।

इज़हार-ए-इश्क करो उस से, जो हक़दार हो इसका, बड़ी नायाब शय है ये इसे ज़ाया नहीं करते.

ये वादा है हमारा ना छोडेंगे कभी साथ तूम्हारा, जो गये तूम हम को भूल कर, ले आयेंगे पकड कर हाथ तुम्हारा.

हमने हमारे इश्क़ का इज़हार यूँ किया, फूलों से तेरा नाम, पत्थरों पे लिख दिया.

मुझे मेरे कल कि फिक्र तो आज भी नही है, पर ख्वाहिश तुझे पाने कि कयामत तक रहेगी.

इज़हार कर देना वरना, एक ख़ामोशी उम्रभर का इंतजार बन जाती है.