Matlabi Shayari, Status, and Images in Hindi

देखो सब को अपनी तलब लगी है, भीड़ बहुत है लेकिन सब मतलबी है।

पहले लोग दिल से बात करते थे, अब लोग मतलब से बात करते है।

कैसे कह दूँ इश्क मतलबी है उसका, उसे मुझसे कोई फायदा भी तो नहीं है।

आज अगर आप किसी को अपनी समस्या बताओगे, तो लोग मदद नहीं करेंगे बल्कि दूर चले जाएंगे।

कभी-कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते हैं जिनसे हमारा कोई रिश्ता नहीं होता.

कुछ यूँ हुआ कि जब भी जरुरत पड़ी, हर शख्स इतेफाक से मजबूर हो गया,

मदद करने से मैं घबराने लगा हूँ, समझते हैं लोग मैं मतलबियों का सगा हूँ।

मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुए, समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे है चढ़े हुऐ।

मोहब्बत आखिर उन्ही से क्यों होती है जिनके लिए हमारी मोहब्बत काफी नहीं होती।

आशना होकर भी अजनबी से लगे, इस दफ़ा तुम भी मतलबी से लगे।

कोहनी पर टिके हुए लोग टुकङों पर बिके हुए लोग करते हैं, बरगद की बातें ये गमले में उगे हुए लोग।

रिश्ता कुछ ऐसा होना चाहिए की लड़ाई जब दो में हो तो तीसरे को पता नहीं चलना चाहिए।

हाँ बहुत मतलबी हूँ मैं भी इश्क़ में, चाहता हूँ मैं वो जो नहीं है मिरा।

मतलब पूरा होने के बाद लोग बोलना तो दूर, देखना भी छोड़ देते हैं।

देख लेना किसी दिन एहसास होगा तुम्हे की था कोई अपना जो बिना मतलब चाहता था तुम्हे।

मेरी मासुमीयत पर हंसते हैं, मतलब निकालने वाले, खुद को बहुत समझदार समझते हैं , ये शहर में रहने वाले।

मतलबी लोगों का दौर है यारों, यहां देख कर भी अनदेखा करते हैं हज़ारों।

बहुत ज्यादा हर्ट है यार किसी को बहुत मानते है और वही इंसान हमें कुछ नहीं मानता।

हुस्न के साथ मतलबी नकाब निकलता है, अक्सर चमकता सोना खराब निकलता है।

बिछड़ के तुझसे ना देखा गया किसी का मिलन, उठा दिया परिंदे भी हमने शजर पे बैठे हुई।

दिल तोडा मेरा कोई बात नहीं गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी भरोसा मेने किया था यार तुमने नहीं।

ये उम्र बित गयी पर समझ नहीं आया, जिनसे मुहब्बत होती वो कदर क्यों नहीं करते।

हम रोज उदास होते हैं और रात गुज़र जाती हैं एक दिन रात उदास होगी और हम गुज़र जायेंगे।

घड़ा भी पहले अपनी प्यास बुझाता है, कौन है यहां जो मतलबी नही है।

अकसर वही लोग हम पर उँगलीया उठाते हैं, जिनकी मुझसे बात करने की औकात न हैं।

इस शहर के लोग बहुत मतलबी है, टूटते तारे को देख अपने लिए कुछ नायाब मांगते है।

जब कोई इंसान नज़र अंदाज़ करना शुरू करदे तोह समझ लेना उसकी ज़रूरतें पूरी होगी है।

नादान था दिल मेरा इसलिए उसको भी नादान समझ लिया, वो तो इंसानी भेष में एक मतलबी शैतान था।

दुश्मनों को सजा देने की एक तेहजीब हैं मेरी, मैं हाथ नहीं उठाता बस नजरों से गिरा देते हैं।

मतलबी दुनिया में लोग खड़े हैं, हातो में पत्थर लेकर मैं कहां तक भागू शीशे का मुकद्दर लेकर.

गर्म चाय भी देती है एक सीख हरदम, मतलबी है दुनिया बहुत इसलिए फूंक फूंक कर रखना हर कदम।

निकल गया मतलब या और कोई काम लोगे, बदनाम तो हो ही गये हैं और कितना नाम लोगे।