Basti Shayari, Status, and Images in Hindi

इस बस्ती में कौन हमारे आँसू पोंछेगा. जो मिलता है उसका दामन भीगा लगता है !

हम तो रह के दिल्ली में ढूँडते हैं दिल्ली को पूछिए 'रविश' किस से क्या यही वो बस्ती है.

एक चिंगारी नज़र आई थी बस्ती में उसे, वो भी अलग हट गयी आधियों को इशारा करके.

इस बस्ती में कौन हमारे आँसू पोंछेगा, जो मिलता है उसका दामन भीगा लगता है.

बस्ती जंगल सी लगे, मैँ जाऊँ किस ओर, घात लगाये राह मेँ, बैठे आदमखोर.

तेरे कूचे में जो आया है ग़ुलामों की तरह, अपनी बस्ती का सिकंदर भी तो हो सकता है.

खुदगर्जो की बस्ती में एहसान भी गुनाह है, जिसे तैरना सिखाओ वही डुबाने को तैयार रहता है.

पत्थर सा दिल कहाँ से लाऊ, कंक्रीट की बस्ती में निभ पाऊं.

हादसों के जद आके क्या मुस्कुराना छोड़ देंगे एक बस्ती बिखर गयी तो क्या बस्ती बसाना छोड़ देंगे.

तुम भी झूमो मस्ती में हम भी झूमे मस्ती में, शोर है आज बस्ती में झूम रहे है सब मस्ती में.

अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जिसे वो शहर कहते हैं, जहाँ लोग मिलते कम, झाँकते ज्यादा हैं.

वो हो जायेंगे खुश कुछ पतगें लूट कर ही, ऐ हवा तु अपना रुख गरीबों की बस्ती तरफ ही रखना.