Bahane Shayari, Status, and Images in Hindi

तेरे जाने के बाद अब आलम यूँ है, की पहले वक़्त मिलता नहीं था अब गुज़रता नहीं है।

काश की तुम बदलते ही नहीं, या काश हम पीछे तुम्हारे चलते ही नहीं।

अब अच्छा लग रहा है जो बदल रहा हूँ, जब से अकल आई है अकेला चल रहा हूँ।

बदल जाते हैं लोग ज़रूरतों के हिसाब से और कहते हैं गणित में थोड़ा कच्चा हूँ मैं।

मिलकर देखा है हमने भी हर एक से, जानता हूँ वक़्त के साथ नहीं रहते लोग एक से।

ज़िन्दगी की मेरी तस्वीर बदल जाए, तू मिल जाएगी तो तक़दीर बदल जाएगी।

ये जो तुमने खुद को बदला है सनम, ये बदला है सनम या फिर बदला है सनम।

काश मुझे भी इन झूठे रंगों में ढलना आ जाता, कई रिश्ते टूटने से बच जाते अगर हमे भी चेहरा बदलना आ जाता।

मुझसे मिलने को करता था बहाने कितने, अब मेरे बिना गुजारेगा वो जमाने कितने.

बहाने मिलने के शायद न रोज़ रोज़ मिलें किताब माँग लिया कर कभी कभी उससे

हर शाम कोई बहाना ढूँढती हूँ, जिंदगी तेरा ठिकाना ढूँढती हूँ.

रास्ते के जिस दिये को समझते थे हम हक़ीर, वो दिया घर तक पहुँचने का बहाना बन गया.

मेरी जिंदगी में खुशियाँ तेरे बहानें से है, आधी तुझे सताने में आधी तुझे मनाने में .

दिल है तो धड़कने का बहाना कोई ढूँढ़े, पत्थर की तरह बेहिस-ओ-बेजान सा क्यूँ है .

मैं जी रहा हूँ कोई बहाना किए बगैर, तेरे ही बगैर तेरी तमन्ना किए बगैर.

मैं और कोई बहाना तलाश कर लूँगा तू, अपने सर न ले इल्ज़ाम दिल दुखाने का .

ये बहाना तेरे दीदार की ख़्वाहिश का है, हम जो आते हैं इधर रोज़ टहलने के लिए.

बहाना कोई तो ए जिन्दगी दे, कि जीने के लिए मजबूर हो जाऊं.

चुरा के मुट्ठी में दिल को छुपाए बैठे हैं, बहाना ये है कि मेहंदी लगाए बैठे हैं .

हँसी तो बस बहाना है तुम्हे गुमराह करने का, वरना तुम मेरी आँखों के सब आज़ार पढ़ लोगे.

ज़रा सी ग़लती पे रूठ बैठे, क्या उससे बस बहाना चाहिए था ?

हम को पहले भी न मिलने की शिकायत कब थी, अब जो है तर्क-ए-मरासिम का बहाना हम से.

सीख गए हम भी अपने दर्द को छुपाना, सीख गए हम भी बहाना बनाना, न सीख पाए तो इतना, अपने दिल को खुश करके औरो का दिल दुखाना!