मिला वो लुत्फ हमको डूब कर तेरे ख्यालों में, कहाँ अब फर्क बाकी है अंधेरे और उजालों में। - love shayari

मिला वो लुत्फ हमको डूब कर तेरे ख्यालों में, कहाँ अब फर्क बाकी है अंधेरे और उजालों में।

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