Dard Shayari, Status, and Images in Hindi
Best Dard Shayari, Status, Messages, and Quotes With Images in Hindi.
Best Dard Shayari, Status, Messages, and Quotes With Images in Hindi.
गम छुपाने का अपना ही अलग मजा है, क्योंकि गम दिखाकर मुझे दर्द बांटना नहीं है !
गम खुद ही ख़ुशी में बदल जाएगा, सिर्फ मुश्कुराने की आदत डालो !
लूट लेते है अपने ही, वरना गैरो को क्या पता, इस दिल की दीवार कमज़ोर कहाँ है !
प्यार में दर्द न होता तो प्यार कैसे होता, सभी अगर वफ़ा करते तो बेवफाई कैसे होता !
हम तो आपके कब से बने बैठे थे, पर आप शायद किसी और के इंतज़ार में बैठे थे !
मोहब्बत कभी भी मज़बूर नहीं होती है, बल्कि जो मज़बूर हो वो मोहब्बत नहीं होती है !
अपनी तबाहियों का मुझे गम तो है मगर, तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी !
काश तुम और मैं भी एक होते, तो हमारे दरमियां न इतने फ़ासले होते !
आप आँखों से दूर दिल के करीब थे, हम आपके और आप हमारे नसीब थे, न हम मिल सके, न जुदा हु वे रिश्ते हम दोनों के कितने अजीब थे!
एक दिन वो दर्द भरी तन्हाई की रात आ जाएगी, जिस रात छोड़कर मुझको वो दुल्हन बनकर चली जाएगी !
बेताब सा रहते हैं तेरी याद में अक्सर, रात भर नहीं सोते हैं तेरी याद में अक्सर, जिस्म में दर्द का बहाना बना के हम टूट के रोते हैं तेरी याद में अक्सर.
हर बार मुझे जख्म ए दिल ना दिया कर, तू मेरी नहीं तो मुझे दिखाई ना दिया कर, सच-झूठ तेरी आँखों से हो जाता हैं जाहिर, क़समें ना खा, इतनी सफाई ना दिया कर.
खुद से छुपकर जाओगे भी तो कहाँ जाओगे, जो ज़ख्म दिया है तुमने मुझे उसे कैसे भूल पाओगे !
उनकी तस्वीर को सिने से लगा लेते हैं, इस तरह जुदाई का गम मिटा देते हैं, किसी तरह कभी उनका जिक्र हो जाये तो, भींगी पलकों को हम झुका लेते हैं.
आंसू से पलके भींगा लेता था, याद तेरी आती थी तो रो लेता था, सोचा था की भुला दूँ तुझको मगर, हर बार ये फैसला बदल लेता था.
काले घटा चाँद पर भी कभी कभी छा जा जाते हैं, दिल में ना बसाना चाहो जिसे वो भी कभी कभी अपने हो जाते हैं !
तन्हाई का उसने मंज़र नहीं देखा, अफ़सोस की मेरे दिल के अन्दर नहीं देखा, दिल टूटने का दर्द वो क्या जाने वो लम्हा उसने कभी जी कर नहीं देखा.
दर्द को दर्द से न देखो, दर्द को भी दर्द होता है, दर्द को ज़रूरत है दोस्त की, आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है
याद करते है तुम्हे तनहाई में, दिल डूबा है गमो की गहराई में, हमें मत धुन्ड़ना दुनिया की भीड़ में, हम मिलेंगे में तुम्हे तुम्हारी परछाई में.
मौत-ओ-हस्ती की कश्मकश में कटी तमाम उम्र, ग़म ने जीने न दिया शौक़ ने मरने न दिया !
आपको देखने की तमन्ना मुझे भी थी, पर हर तमन्ना की मंजिल नहीं होती !
जानता हूँ एक ऐसे शख्स को मैं भी मुनीर, ग़म से पत्थर हो गया लेकिन कभी रोया नहीं!